जानिए फकीर चंद कोहली को भारतीय आईटी इंडस्ट्री का पितामह क्यों कहा जाता है

फकीर चंद कोहली का टाटा एण्ड संस के भीतर टाटा इंडस्ट्रीज़,टाटा हनिवेल,टाटा यूनिसिस & टाटा टेक्नॉलजी सिंगापूर सहित और दूसरी कॉम्पनियों के साथ भी काफी जुड़ाव था । ये टाटा एलेक्सी इंडिया एवं डब्ल्यू टी आई अड्वान्स टेक्कनोलोजी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं । इसके अलावा फकीर चंद कोहली एयरलाइन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंसल्टेंसी इंडिया आदि में बोर्ड निदेशक भी रह चुके हैं ।

1995 से 1996 के बीच ये NASSCOM की भारतीय आईटी सेवा वकालत संस्था के अध्यक्ष भी रहे । इस भूमिका के रूप में भारत से आईटी सेवाओं के वितरण के प्रमुख अवसरों को प्रदर्शित करने में काफी मदद किया।

फकीर चंद कोहली ने देश भर में तकनीकी शिक्षा की उन्नति हेतु महत्वपूर्ण भूमिका निभाए । पी. के.  केलकर के अनुरोध के तहत ये आईआईटी कानपुर के संस्थापक निदेशक भी रहे । इस पद पर इन्होंने फैकल्टी के चयन और भर्ती आदि कार्यों में काफी योगदान दिया ।

1973 से 1974 के बीच ये IEEE के निदेशक मण्डल में शामिल थे और भारत परिषद के अध्यक्ष भी थे । इसके अतिरिक्त ये कंप्युटर सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और 1974 में दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्रीय कंप्युटर सम्मेलन,सिंगपोर के अध्यक्ष थे । इन्होंने मैनेजमैंट consultants एसोसिएशन ऑफ इंडिया की सेवा भी अध्यक्ष पद के रूप में की । 1991 ईस्वी में आईबीएम जैसे कंपनी को टाटा आईबीएम के एक रूप में भारत लाने में एक सक्रिय भूमिका अदा किए । 1994 में ये कंपनी के डिप्टी चेयरमैन बने हली अपने पद की गरिमा को बरकरार रखते हुए 1999 में रिटायर हुए । इस समय ए 75 साल के थे ।

अपनी रिटायरमेंट के बाद भी प्रोद्योगिकी वकालत से जुड़े रहे ।ये सलाहकार के रूप में भी टीसीएस कंपनी के साथ जुड़े रहे और इसमें शामिल होने वाले वयस्क साक्षरता,क्षेत्रीय भाषा कम्प्यूटिंग और जल सोधन आदि के लिए ये प्रयासरत रहे और इस दौर में भी इनकी पहचान बनी रही ।

इनको भारतीय आईटी उद्योग के पिता के रूप में जाना जाता है क्योंकि भारतीय आईटी उद्योग स्थापित करने में और लगभग 190 बिलियन डॉलर की ग्रोथ देने में इनकी बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका थी । इनको पेशेवरों की पीढ़ी को तैयार करने और उद्योग का नेतृत्व करने के लिए जो आगे बढ़ते हैं उनको सहयोग देने के लिए जाना जाता है ।

दिग्गज कंपनी टीसीएस को मजबूत स्थिति में लाने वाले और भारतीय उद्योग के पिता के रूप में प्रसिद्ध फकीर चंद कोहली का निधन 96 वर्ष की उम्र में 26 नवंबर 2020 को हुआ ।

टीसीएस कंपनी

इसकी स्थापना 1968 ईस्वी में हुई थी । इस कंपनी की शुरुवात “टाटा कंप्युटर सेंटर” के नाम पर हुई था  जो एक सिर्फ टाटा समूह का विभाग था । उस दौर में यह अपनी ही कंपनी समूह को कंप्युटर सेवाएं प्रदान करती थी । इसके बाद कंप्युटर के क्षेत्र में एक एक क्रांति शुरू हुई और जल्द ही इसकी डिमांड बढ़ने लगी ।

इसी समय इस कंपनी को टाटा समूह के इलेक्ट्रिकक इंजीनियर फकीर चंद कोहली जैसा सक्सियत जनरल मैनेजर के रूप में मिला । इसके बाद इस कंपनी का नाम बदलकर ‘टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ रख दिया गया ।

इस कंपनी ने सबसे पहले अपना सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट 1974 में प्रारंभ किया था । इस कंपनी ने Hospital information system को “Burroughs medium system Cobol से Burroughs small system Cobol में चेंज कर दिया । इस सिस्टम को ICL 1903 कंप्युटर पर अंजाम दिया गया था ।

Fakir Chand Kohli Kaun the ? फकीर चंद कोहली की शिक्षा दीक्षा कहाँ से हुआ था?

1974 में इस कंपनी ने मुंबई में अपना ऑफिस सेट अप किया था । जैसे जैसे कंप्युटर के क्षेत्र में बढ़ोत्तरी होती गई कंपनी ने 1990 के दशक में बहुत ही बड़े पैमाने पर भर्तियाँ निकाली । देखा जाए तो 1990 के दशक में इसने तीन रणनीतियों पर काम करना शुरू कर दिया जैसे-ऐसे नए उत्पादों का विकास करना जिसमें खूब पैसा हो, ऐसे बाजारों पर कब्जा करना जो घरेलू और अन्य चीजों से संबंधित हो, और कंपनी के आकार को बड़ा करने के लिए दूसरी कॉम्पनियों का अधिग्रहण करना ।

2004 के आसपास आकार ये कंपनी पूरी तरह से “सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनी बन गई । बात दें की यह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी सूचना तकनीकी और बिजनस आउटसोर्सिंग सेवा प्रदाता कंपनी है। भारतीय आईटी कॉम्पनियों के तुलना मे देखा जाए तो इसके पास सबसे ज्यादा कर्मचारी हैं । यह भारत के नैशनल स्टॉक और बॉम्बई स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनी बन गई है ।

इसका मुख्यालय बॉम्बई और महाराष्ट्र में है। इसके मुख्य उत्पाद हैं-टीसीएस प्रौद्योगिकी, टीसीएस बैंकस् और टीसीएस माइक्रोसॉफ्ट हैं । प्रमुख हस्तियों में नटराजन शेखरन(प्रबंध निदेशक),चेयरमैन सायरस मिस्त्री और वाइस चेयरमैन एस रामदुराई आदि हैं ।  

कोहली को मिल 2002 में पद्म बिभूषण

भारत में आईटी उद्योग को सही दिशा देने और उसको बुलंदी के शिखर पर पहुंचाने के लिए कोहली को सन 2002 में सरकार ने पद्म विभूषण से सम्मानित किया । इसी दौरान कोहली को एकोनिमिक टाइम्स फॉर कॉर्पोरेट एक्सेलेन्स जैसे लाइफ टाइम अचिवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया गया । आईटी जगत को ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले कोहली का नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा ।

प्रश्न:- फकीर चंद कोहली किस कंपनी में निदेशक रहे हैं?

उत्तर:- फकीर चंद कोहली एयरलाइन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंसल्टेंसी इंडिया आदि में बोर्ड निदेशक भी रह चुके हैं ।

प्रश्न:- फकीर चंद कोहली का निधन कब हुआ था?

उत्तर:- दिग्गज कंपनी टीसीएस को मजबूत स्थिति में लाने वाले और भारतीय उद्योग के पिता के रूप में प्रसिद्ध फकीर चंद कोहली का निधन 96 वर्ष की उम्र में 26 नवंबर 2020 को हुआ ।

प्रश्न:- फकीर चंद कोहली ने टीसीएस कंपनी की स्थापना कब किए थे?

उत्तर:- टीसीएस कंपनी की स्थापना 1968 ईस्वी में हुई थी । इस कंपनी की शुरुवात “टाटा कंप्युटर सेंटर” के नाम पर हुई था  जो एक सिर्फ टाटा समूह का विभाग था । उस दौर में यह अपनी ही कंपनी समूह को कंप्युटर सेवाएं प्रदान करती थी ।

आज हमने इस लेख में आपको बताया की फकीर चंद कोहली कौन थे और उनकी शिक्षा दीक्षा कैसे हुई थी। आशा है की आप लोगों को ये लेख पसंद आया होगा अगर आपको फकीर चंद कोहली जी के बारे में समझ नहीं आया होगा तो आप जरूर कमेन्ट करके पूछें । दूसरे लेख में हमने फकीर चंद कोहली के महत्वपूर्ण कार्यों के बारे में विस्तार से समझाया है आप उसको जरूर एक बार पढ़ें ।

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