Virtual ID kya Hai Aur Virtual ID Kaise Generate Karen

Virtual ID kya Hai Aur Virtual ID Kaise Generate Karen: कहीं आपके आधार कार्ड के प्रति कोई असुरक्षा कर डर तो नहीं है, या आपको ये तो नहीं न डर है की आपके आधार कार्ड का कोइ गलत फायदा न उठा ले। अगर इस तरह की समस्या आपके साथ है तो आप निश्चिंत रहें, इस लेख के माध्यम से हम आपको इसका उपाय भी सुझाएंगे और आधार कार्ड के नए फीचर वर्चुअल आईडी के बारे में विस्तार से समझेंगे की वर्चुअल आईडी क्या है और इसके क्या फीचर हैं और इसको क्यों लागू किया गया था ।

Virtual ID क्या होता है?

Virtual ID को संक्षेप में VID भी कहा जाता है। VID को आधार संख्या के साथ मैप किया गया है । यह एक अस्थायी और प्रतिवर्ती 16 अंकों की संख्या होती है । अगर आप कभी दुविधा में है की मैं यहाँ आधार कार्ड नही देना चाहता तो आप इस संख्या का प्रयोग आसानी से कर सकते हैं । इससे आपका काम आसानी से हो जाएगा । आसान भाषा में कहें तो यह आधार संख्या का क्लोन है ।

इसमें प्रयोगकर्ता के कुछ बेसिक जानकारी जैसे की अपना नाम,पता और फोटो ही शेयर की जा सकेंगी ।

इसको प्रयोग में लाने का मुख्य उद्देश्य आधार संख्या के लीक होने और उसके दुरुपयोग से बचने के लिए ही सरकार ने आधार संख्या का विकल्प तैयार किया है ।

दिन पर दिन बढ़ता आधार कार्ड का महत्व इसके सिक्युरिटी के तरफ भी इशारा करता है अर्थात आपके आधार कार्ड का कोई गलत फायदा तो नहीं लेगा । जब से आधार कार्ड से संबंधित सूचनाओं का गलत प्रयोग होने लगा तभी से सभी लोगों में इसकी सुरक्षा के प्रति लोगों के मन में डर होने लगा ।

अतः इसके प्रति सरकार भी सजग होकर इन्हीं सब समस्यायों से निपटने के लिए वर्चुअल आईडी के प्रयोग करने पर जोर दिया ।

आपके जानकारी के लिए बता दें की इस स्पेशल आईडी को अन्य दूसरा व्यक्ति नही जेनेरट कर पाएगा बल्कि कार्ड धारक ही UIDAI के ऑफिसियल वेबसाईट पर विज़िट करके या आधार सेंटर से डाउनलोड कर सकता है या करवा सकता है ।

 इसको एक से ज्यादा बार जेनेरेट किया जा सकता है लेकिन जब दूसरी बार जेनेरट करते हैं तो पहला वाला invalid हो हो जाता है । यह VID temporary होता है । इसकी सबसे बड़ी खास बात है की इसकी duplicacy नहीं किया सकेगा

सूत्रों का मानना है की अब इसका इस्तेमाल हर जगह किया जाएगा जैसे आधार संख्या का प्रयोग किया जाता है ।

वर्चुअल आईडी के कुछ अन्य सुरक्षित फीचर क्या हैं?

इसकी सबसे बड़ी प्रमुख फीचर है की आपके लिमिटेड इनफार्मेशन ही शेयर होंगे अर्थात जीतने सूचना की खास जरूरत होती है जैसे की नाम, अड्रेस और फोटो। लेकिन VID के जारी होने के पहले सर्विस प्रोवाइडर को आपका नाम, डेट ऑफ बर्थ,फोटो,अड्रेस और मोबाईल नंबर ये सब डाटा शेयर होता है। अतः VID के जारी होने के कारण इनफार्मेशन शेयरिंग लिमिटेड हो गई ।

Virtual ID क्यों लाया गया?

वर्चुअल आईडी लाने का मुख्य उद्देश्य था आधार कार्ड को और ज्यादा सुरक्षित करना । इधर बीच बढ़ते हुए हर जगह आधार कार्ड की डिमांड के चलते कई जगहों पर इसका गलत तरीके से प्रयोग शुरू हो रहा था ।

अतः आधार यूजर्स इसको लेकर खासा दिक्कत हो रही थी और लोग इनसिक्युर महसूस करने लगे थे । अतः सरकार के लिए यह एक चिंताजनक बात हो गई थी। अतः UIDAI ने इस समस्या से निपटने के लिए वर्चुअल आईडी का बड़ा और ठोस कदम उठाया और हाई सिक्युरिटी का वर्चुअल आईडी लोगों के सामने पेश किया है।

यह यूजर्स के लिए एक विकल्प हो गया है । अब देश के नागरिकों को हर जगह 12 अंकों वाला आधार कार्ड देने की जरूरत नहीं है । अब आपके पास एक चॉइस है की सिक्युरिटी को ध्यान में रखते हुए आप चाहें तो आधार नंबर दें अथवा 16 अंकों का वर्चुअल आईडी ।

UIDAI ने 01 मार्च 2018 से अपने ऑफिसियल वेबसाईट पर वर्चुअल आईडी को लागू करने का निर्देश दे दिया था और जून तक इसको पूर्णतः लागू किया ।

Virtual ID कैसे जेनरैट करें?

इसके लिए सबसे पहले आप UIDAI के साइट पर विज़िट करें जिसका ऑफिसियल लिंक है-https://uidai.gov.in/

जब इसके होम पेज पर पहुँच जाते हैं तो आपको इसके पेज के बाएं साइड में “My Aadhar” एक ऑप्शन दिखाई देगा । आप नीचे के स्क्रीन पर देख सकते हैं । इस पर आप अपना कर्सर रखेंगे तो कुछ इस तरह के कई ऑप्शन खुल कर आ जाएगा । आपको “Aadhar Services” वाले ऑप्शन पर नीचे “Virtual ID(VID) Generator” पर क्लिक कर देना है।

जब इस पर क्लिक कर देते हैं तो आपके सामने एक नया पेज कुछ इस तरह से खुलकर आ जाएगा। इसमें आपको अपना आधार नंबर डालना है और दिया हुआ कैपचा कोड भर देना है । और सेन्ड OTP पर क्लिक कर देना है ।

जब आपके मोबाईल पर OTP आ जाता है तो आपके सामेन कुछ इस तरह का ऑप्शन खुलकर सामने आ जाता है जिसमें आपको सिर्फ यहाँ अपना OTP डाल दें और जेनरैट VID वाले ऑप्शन सिलेक्ट कर देना है । इसके बाद आपको “Retrieve” वाले ऑप्शन पर क्लिक कर देना है ।

जब आप “Retrieve” वाले ऑप्शन पर क्लिक कर देते हैं तो आपके सामने एक नया पेज कुछ इस तरह का आ जाता है । और आपके “रजिस्टर्ड मोबाईल” पर 16 अंकों का VID जेनेरट होकर चला जाएगा । उसको अपने पास सेव करके रखे रहें ।

आपने इस तरह से देखा की VID जेनेरट करना कितना आसान है । आप बहुत ही आसान तरीके से अपने लिए आधार कार्ड का विकल्प 16 अंकों VID जेनेरट करके अपना काम चला सकते हैं ।

Virtual ID कितना सिक्युर होता है?

वर्चुअल आईडी की सबसे खास बात यह है की यह स्थायी नहीं होता है । अगर आपने एक बार किसी काम में प्रयोग करने के लिए कर लिया है तो दूसरी बार जब आप इसको जेनेरट करते हैं तो पहले वाला आईडी ईनवैलिड हो जाता है ।

अतः यह एक सीमित KYC होती है जैसा की UIDAI ने भी इसके बारे में सूचना जारी किया है। जो एजेंसीज भी होती है हैं वो भी आपके आधार डिटेल्स को एक्सेसस नहीं कर पाएंगे और इसी वर्चुअल आईडी से काम चला पाएंगे ।

यह सभी आधार यूजर्स के लिए बढ़िया बात है की वे जितनी बार चाहें इस आईडी को जेनेरट कर पाएंगे ।

लेकिन यहाँ एक बात ध्यान दें की लिमिटेड KYC सिर्फ एजेसीज के लिए ही है क्योंकि जैसे मान लीजिए आपने कहीं वर्चुअल आईडी को किसी एजेंसी वाले को दिया तो वो इस आईडी को लंबे समय के लिए स्टोर नहीं कर पाएगा क्योंकि आप जैसे ही दूसरी आईडी जेनेरेट करते हैं तो पुरानी आईडी डी-ऐक्टवैट हो जाएगी ।

यहाँ आपके जानकारी के लिए बता दें की एजेंसिज तो तरह की होती हैं एक तो लोकल लेवल पर और दूसरा वैश्विक लेवल पर । वैश्विक लेवल के एजेंसीज की खास बात यह है की इनको आधार नंबर के साथ E-KYC की एक्सेसस का अधिकार होता है लेकिन जो लोकल लेवल की एजेंसीज होती हैं उनके पास सीमित लेवल KYC का अधिकार होता है ।

UIDAI का भी यह कहना है की लिमिटेड KYC की यह सुविधा सिक्युर है।

comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले.

वर्चुअल आधार आईडी के फायदे

16 अंकों वाला यह वर्चुअल आधार आईडी जो अस्थायी है और इसका प्रयोग सरकारी और अर्ध सरकारी कामों में कर सकते हैं । अब आपके पास अपने आधार के सिक्युरिटी के लिए बेहतर विकल्प मौजूद है जिसका प्रयोग आप निश्चिंत होकर कर सकते हैं । अब आपको अपना 12 अंकों वाला बायोमेट्रिक आधार देने की जरूरत नहीं है ।

वर्चुअल आधार नंबर एक 16 नंबर का रैंडम अंक होता है जिसको आप फोन या बैंक कॉम्पनियों को निश्चिंत होकर दे सकते हैं जिससे वे आधार कार्ड के लिमिटेड डिटेल्स ही इक्सेस कर पाएंगे जैसे-नाम, पता,फोटोग्राफ । सिर्फ रैंडमली काम चलाने के लिए । वे आधार नम्बर की जानकारी नहीं हासिल कर पाएंगे ।

इसकी एक और खास बात यह है की इस बेहतर विकल्प के होते आपके आधार नंबर के साथ कोई भी छेड़छाड़ नहीं कर सकता है और यूजर्स खुद ही जितनी बार चाहें इसको जेनेरट कर सकता है । लेकिन ध्यान रहे की एक दिन में सिर्फ एक बार ही इसको जेनेरट किया जा सकता है ।

तो साथियों आप लोगों को यह लेख कैसा लगा? आप लोग जरूर कमेन्ट के माध्यम से हमें बताएं।  इस लेख में हमने आप लोगों को यह बताने का प्रयास किया है की अगर आप आधार कार्ड का नंबर असुरक्षा की भावना से नहीं देना चाहते हैं तो आप लोगों के लिए UIDAI के ऑफिसियल वेबसाईट पर एक बेहतर विकल्प के रूप में 16 अंकों का रेंडम VID मौजूद है जिसको आप जेनेरट करके आसानी से प्रयोग कर सकते हैं।

Virtual ID:- FAQ

प्रश्न:-VID का फूल फॉर्म क्या है?

उत्तर:- VID का फूल फॉर्म Virtual ID है।

प्रश्न:- Virtual ID कितने अंकों की संख्या है?

उत्तर:-वर्चुअल आईडी 16 अंकों की संख्या होती है जो अस्थायी होती है।

प्रश्न:- Virtual ID की क्या विशेषता है?

उत्तर:-आधार कार्ड के एक विकल्प के रूप में UIDAI ने लॉन्च किया था। जो व्यक्ति असुरक्षा की भावना से आपने 12 अंकों के बायोमेट्रिक आधार नंबर को शेयर नहीं करना चाहता है वो विकल्प रूप में इसको शेयर कर सकता है। यह अस्थायी होता है ।

प्रश्न:- Virtual ID को कितनी बार जेनेरट कर सकते हैं? उत्तर:- Virtual ID को हम कई बार जेनेरट कर सकते हैं लेकिन एक दिन में एक बार ही। जब भी नया आईडी जेनेरेट करेंगे पुरानी आईडी बंद हो जाएगी।

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